किताब के पहले हिस्से में आपको क्या मिलेगा- दी अल्केमिस्ट

मस्कार दोस्तों और कैसे हैं आप सब हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं, कि आपकी सारी दुआएं और मनोकामनाएं भगवान पूरी करें। तो आज हम बात करेंगे द अल्केमिस्ट के पहले हिस्से के बारे में। शुरूआत हम इस पुस्तक के इस पुस्तक के पहले भाग से करेंगे। तो बिना किसी देरी के आइए हम शुरू करते हैं

सारांश

जिंदगी बहुत ही अद्भुत है अगर आप इससे करीब से देखें । किस्से कहानियां रहती हैं इसमें बहुत से ऐसे मोड़ आते हैं जो कि हमें हर हरान कर देते हैं। ऐसी ही एक कहानी इस किताब में आपको मिलेगी जिस के मुख्य पात्रों में एक लड़का जो कि एक गडरिया है ।अपनी आजीविका से बहुत खुश है उसने खुद ही इस काम को चुना है।उसके पास बहुत से पास विकल्प थे ।पर उसने इसी को ही चुना।

इसका क्या कारण है यह आपको इस पुस्तक में पता लगेगा। पहले भाग में आपको कुछ ऐसी चीजें पढ़ने को मिलेगी जो आपके साथ अक्सर होती रहती हैं। मतलब आपको कई बार सपने आते होंगे कि आप कुछ बड़ा करने वाले हो । आपको ऐसा लगता होगा कि मैं जो कर रहा हूं सही है। पर शायद मैं कुछ और करने के लिए बना हूं ।शायद यह मेरी जिंदगी नहीं है जो मैं जी रहा हूं ।लड़के के साथ भी कुछ कुछ ऐसा ही होता है और पहला भाग इस के ऊपर है ।अब सवाल यह है

क्या लड़का वहां तक पहुंच पाएगा जहां तक पहुंचना चाहता है ।क्या लड़का अपनी जिंदगी का मतलब जान पाएगा ? क्या लड़का जब अपनी जिंदगी का मतलब जानने निकलेगा ,आसपास के लोग उसकी मदद करेंगे या उसकी राह में रोड़ा बनेंगे ?

इन सवालों का जवाब चाहिए जरूर पढ़ें इसका लिंक आपको हमारी वेबसाइट पर मिलेगा। यह कहानी है खोजी की, यह कहानी है एक गडरिया की, एक प्रेमी की, एक तपस्वी की, एक दूरदर्शी व्यक्ति व्यक्ति की, साहस की सपनों की ,

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यह कहानी है एक अल्केमिस्ट की।

मुख्य हिस्से अल्केमिस्ट

चुनाव

जब भी आप किसी कार्य को करने लगते हैं, एक चीज बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाती है कि आप क्या चुन रहे हैं? आप कौन सा रास्ता अपने लिए चुन रहे हैं ?और आप कई बार असमंजस में पड़ जाते हैं कि किसका चुनाव किया जाए और किसका ना किया जाए ? लड़के के साथ भी ऐसा ही होता वह किसे चुनता है किसे नहीं चुनता। इन्हीं के चारों ओर पहले भाग की कहानी घूमती है

अल्लाह मेहरबान तो गधा पहलवान

यह मुहावरा बिल्कुल सटीक बैठता है जब भगवान की कृपा होती है। तो फिर वो छोटा बड़ा नहीं देखता उसकी महिमा अपरंपार है उसकी महिमा के आगे हम सब बेकार हैं। और ऐसा ही कुछ लड़के के साथ भी होता है बहुत मुश्किलें आती हैं पर फिर भी वह हिम्मत जुटा कर उठ जाता है भगवान की दया से।

अंदरूनी हिम्मत

हम कितनी भी कसरत कर ले ।जिम जाए कुछ भी कर ले, कितने ही बड़े हम मसल बनाने बना ले ,जब तक आप अंदर से ताकतवर नहीं है यह सब चीजें बेकार है अंदरूनी ताकत जो आपके हृदय की ताकत है आपकी अंतरात्मा की ताकत है ,उस से आप क्या कर सकते हो ?और वह कहां कहां आपके काम आती है कैसी कैसी मुश्किल परिस्थितियों में आपके काम आती है आपको पुस्तक में इस भाग में खासकर पढ़ने को मिलेगा।

कुदरत की भाषा

हिंदी मलयालम तमिल पोर्तुगीज मणिपुरी तेलुगु पंजाबी अंग्रेजी पेनिस पेनिस टेनिस स्पेनिश कितनी भाषाएं हैं। इस दुनिया में हम भी सीख जाते हैं पर एक भाषा ऐसी है जो बहुत ही ज्यादा जरूरी है सीखनी ।पर हम उसको सीख नहीं पाते और वह भाषा है कुदरती भाषा। वह हम सीख नहीं पाते इसका कारण क्या है कि हम समय ही व्यतीत नहीं करते जितना हमें करना चाहिए ।उसका लाभ क्या होगा हमारी जिंदगी में यह आपको पढ़ने को मिलेगा तो जरूर पढ़िए

दी अल्केमिस्ट

हमारा विचार

देखिए हमारा विचार यह कहता है कि पुस्तक के इस भाग को अगर आप पढ़ोगे या पढ़ते हो तो शुरुआत बेहद धीमी रहती है इस पुस्तक की। हम मानते हैं धीरे-धीरे धीरे-धीरे यह रफ्तार पकड़ लेगी बदलाव आएंगे इस पुस्तक की खासियत है यह है इस भाग में भी की कई देर तक कुछ नहीं होता ।जो लेखक है वह आपको बताएगा एक-एक चीज के बारे बारे में भेड़ों के बारे में,आसपास के वातावरण के बारे में ,ज्यादा समय वह व्यतीत करेगा कि आपको इस कहानी के पात्र समझ आ जाए एक-एक उनके गुण और अवगुण समझ आ जाए। तो पुस्तक के इस भाग में बहुत ही ज्यादा रोमांच है और दिलचस्प दिलचस्प पात्र हैं ।आप बोर नहीं होने वाले । यह हमारी राय ।

आपके क्या विचार हैं अल्केमिस्ट पर
आपकी क्या राय है कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। अभी के लिए इतना ही धन्यवाद स्वास्थ्य रहें खुश रहें

 

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